आसो नवरात्रि दिन - ३ कौनसी माताजी का ? | Aaso navratri day - 3 konsi mata ka ?
आसो नवरात्रि दिन - ३ कौनसी माताजी का ?
आसो (शारदीय) नवरात्रि के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है।
|| मां चंद्रघंटा से जुड़ी मुख्य बातें ||
नाम का अर्थ
इनके मस्तक पर घंटे के आकार का आधा चंद्रमा (अर्धचंद्र) सुशोभित है, इसीलिए इन्हें 'चंद्रघंटा' कहा जाता है।
स्वरूप
मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत शांत, सौम्य और स्वर्ण के समान कांतिमान है। वे सिंह (शेर) पर सवार रहती हैं और उनकी 10 भुजाएं हैं, जिनमें शस्त्र और अस्त्र धारण किए हुए हैं।
पूजा का महत्व
इनकी पूजा करने से व्यक्ति को साहस, निर्भयता, शांति और शक्ति की प्राप्ति होती है।
प्रिय भोग
मां चंद्रघंटा को दूध, खीर या दूध से बनी मिठाइयों का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।
|| मुख्य मंत्र ||
|| ॐ देवी चन्द्रघण्टायै नमः॥
॥ जय माताजी ॥
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Reviewed by Bijal Purohit
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5:30 pm
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