काली चौदस को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यो कहा जाता ? Kalichoudash ko narak chaturdashi ya rup choudash kyu kaha jata hai ?


काली चौदस को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यो कहा जाता ?


काली चौदस को  नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यो कहा जाता ?

काली चौदस को नरक चतुर्दशी और रूप चौदस कहे जाने के पीछे अलग-अलग पौराणिक कथाएं और मान्यताएं जुड़ी हैं |

नरक चतुर्दशी क्यों कहा जाता है?
पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण, सत्यभामा और इंद्र ने मिलकर अत्याचारी राक्षस नकासुर (नरकासुर) का वध किया था। नरकासुर ने अपने अत्याचार से 16,100 राजकुमारियों और देवताओं को बंदी बना लिया था। उसके वध के बाद उन सभी को मुक्ति मिली। इस राक्षस के वध और नरक जैसी यातनाओं व अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए इस तिथि को 'नरक चतुर्दशी' कहा जाता है, और इसी प्रसंग के तहत यमराज के नाम का दीपदान किया जाता है।

रूप चौदस क्यों कहा जाता है?
इस दिन को 'रूप चौदस' या 'रूप चतुर्दशी' इसलिए कहा जाता है क्योंकि मान्यता है कि इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले तेल मालिश और उबटन लगाकर स्नान (अभ्यंग स्नान) करने से शरीर की शुद्धि होती है तथा रूप, सौंदर्य, आयु और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से स्नान करने से सुंदरता बढ़ती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।

|| अस्तु ||
काली चौदस को नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यो कहा जाता ? Kalichoudash ko narak chaturdashi ya rup choudash kyu kaha jata hai ? काली चौदस को  नरक चतुर्दशी या रूप चौदस क्यो कहा जाता ? Kalichoudash ko narak chaturdashi ya rup choudash kyu kaha jata hai ? Reviewed by Bijal Purohit on 4:12 pm Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.