काली चौदस के दिन क्या करना चाहिए ? choudas ke din kya karna chahiye ?
काली चौदस के दिन क्या करना चाहिए ?
काली चौदस (जिसे नरक चतुर्दशी या रूप चौदस भी कहा जाता है) दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है। इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से बहुत महत्व है। इस दिन नकारात्मक ऊर्जाओं को दूर करने और सकारात्मकता का स्वागत करने के लिए कई परंपराएं निभाई जाती हैं।
काली चौदस के दिन मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं |
अभ्यंग स्नान (सुबह का स्नान)
इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर तेल मालिश करने के बाद स्नान करने की परंपरा है। इसे 'अभ्यंग स्नान' कहा जाता है, जिससे शरीर की शुद्धि और आयु, स्वास्थ्य तथा सौंदर्य की प्राप्ति होती है।
यमराज के नाम का दीया जलाना
इस दिन शाम के समय यमराज (मृत्यु के देवता) के नाम का चौमुखी (चार मुख वाला) दीपक घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके जलाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इससे अकाल मृत्यु का भय और नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है।
महाकाली और हनुमान जी की पूजा
कई क्षेत्रों में काली चौदस की रात को मां काली, भगवान हनुमान और भैरव बाबा की पूजा विशेष रूप से की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस रात बुरी शक्तियों और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है |
रंगोली और दीपदान |
घर के मुख्य द्वार और आंगन में सुंदर रंगोली बनाई जाती है और रात में घर के हर कोने में दीये जलाए जाते हैं ताकि मां लक्ष्मी का स्वागत हो सके।
|| अस्तु ||
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Reviewed by Bijal Purohit
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9:06 pm
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